फेसबुक लिब्रा (Libra) क्रिप्टो करेंसी: क्या था मेटा का यह महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट?
जब फेसबुक (अब Meta) ने अपनी खुद की डिजिटल करेंसी Libra लाने का एलान किया था, तब पूरी दुनिया के बैंकिंग सेक्टर में खलबली मच गई थी। TechMobilesathi.com के इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि फेसबुक का यह 'सिक्का' क्या था और अंत में इसका क्या हुआ।
1. फेसबुक लिब्रा (Libra) क्या थी?
2019 में फेसबुक ने Libra नाम की एक ग्लोबल डिजिटल करेंसी लॉन्च करने का प्लान बनाया था। इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया भर के उन लोगों तक बैंकिंग सुविधा पहुँचाना था जिनके पास बैंक अकाउंट नहीं है, ताकि वे WhatsApp या Messenger के जरिए आसानी से पैसे भेज सकें।
2. लिब्रा और अन्य क्रिप्टो (जैसे Bitcoin) में क्या अंतर था?
लिब्रा कोई सामान्य उतार-चढ़ाव वाली क्रिप्टो करेंसी नहीं थी। यह एक Stablecoin होने वाली थी।
- Backing: इसे डॉलर और सरकारी बॉन्ड्स जैसे असली एसेट्स से जोड़ा जाना था ताकि इसकी कीमत स्थिर रहे।
- Control: इसे फेसबुक अकेले नहीं, बल्कि 'Libra Association' नाम की एक संस्था चलाने वाली थी।
3. लिब्रा से डिएम (Diem) बनने का सफर
सरकारों और रेगुलेटर्स के भारी विरोध के बाद, फेसबुक ने इस प्रोजेक्ट का नाम बदलकर Diem कर दिया। उन्होंने अपनी नीतियों में कई बदलाव किए ताकि इसे कानूनी रूप से सुरक्षित बनाया जा सके, लेकिन फिर भी केंद्रीय बैंकों का डर कम नहीं हुआ।
4. यह प्रोजेक्ट क्यों फेल हुआ?
| मुख्य कारण | विवरण |
|---|---|
| रेगुलेटरी दबाव | अमेरिका और यूरोप की सरकारों को डर था कि यह उनकी करेंसी की वैल्यू कम कर देगा। |
| डाटा प्राइवेसी | फेसबुक पर पहले से ही डाटा लीक के आरोप थे, इसलिए लोगों को अपनी फाइनेंशियल जानकारी देने में डर था। |
| पार्टनर्स का साथ छोड़ना | Visa, Mastercard और PayPal जैसे बड़े पार्टनर्स ने दबाव में आकर हाथ पीछे खींच लिए। |
5. 2026 में इसकी स्थिति: अब क्या है?
मेटा ने डिएम प्रोजेक्ट की टेक्नोलॉजी को Silvergate Capital को बेच दिया था और आधिकारिक तौर पर इसे बंद कर दिया। हालांकि, फेसबुक अब 'Metaverse' और डिजिटल पेमेंट्स के अन्य तरीकों पर काम कर रहा है, लेकिन लिब्रा का सपना अब इतिहास बन चुका है।
निष्कर्ष
फेसबुक लिब्रा ने यह साबित कर दिया कि तकनीक कितनी भी बड़ी हो, सरकारी नियमों और प्राइवेसी के बिना कोई भी फाइनेंशियल प्रोजेक्ट सफल नहीं हो सकता। ऐसे ही और डीटेल्ड टेक आर्टिकल्स के लिए Mobilesathi.com को फॉलो करें।