Crypto Currency TDS Rules 2026: क्या है क्रिप्टो पर 1% TDS का सच? पूरी जानकारी हिंदी में
अगर आप Bitcoin, Ethereum या किसी भी अन्य Virtual Digital Asset (VDA) में निवेश करते हैं, तो आपको भारत सरकार के नए क्रिप्टो टैक्स नियमों को समझना बहुत जरूरी है। Mobilesathi.com के इस आर्टिकल में हम आपको क्रिप्टो पर लगने वाले TDS और टैक्स के पेचीदा नियमों को सरल भाषा में समझाएंगे।
1. क्रिप्टो पर TDS का नियम क्या है? (Section 194S)
भारत सरकार ने Income Tax Act के Section 194S के तहत क्रिप्टो ट्रांजैक्शन पर 1% TDS (Tax Deducted at Source) अनिवार्य कर दिया है। यह नियम हर उस ट्रांजैक्शन पर लागू होता है जहां आप अपनी क्रिप्टो एसेट को बेचते हैं या ट्रांसफर करते हैं।
- कब लगता है: जब आप क्रिप्टो बेचकर पैसे (INR) प्राप्त करते हैं।
- कितना लगता है: कुल सेल वैल्यू का 1%।
- लिमिट: अगर पूरे साल में ट्रांजैक्शन 10,000 रुपये (कुछ मामलों में 50,000) से कम है, तो टीडीएस नहीं लगेगा।
2. 30% क्रिप्टो टैक्स का गणित
TDS के अलावा, क्रिप्टो से होने वाले मुनाफे पर आपको 30% Flat Tax देना होता है। ध्यान रहे कि इसमें आपको किसी भी प्रकार का खर्चा (जैसे इंटरनेट बिल या बिजली का बिल) घटाने की अनुमति नहीं मिलती, केवल 'Cost of Acquisition' (खरीद मूल्य) को ही घटाया जा सकता है।
3. क्रिप्टो टैक्स स्लैब: एक नज़र में
| प्रकार | टैक्स रेट | विवरण |
|---|---|---|
| TDS | 1% | हर सेल ट्रांजैक्शन पर (INR में) |
| Income Tax | 30% | नेट प्रॉफिट पर साल के अंत में |
| Set-off Loss | Not Allowed | एक क्रिप्टो का घाटा दूसरे के मुनाफे से नहीं कटेगा |
| Surcharge | As per Income | हाई इनकम पर अतिरिक्त सेस |
4. क्या क्रिप्टो लॉस को सेट-ऑफ किया जा सकता है?
क्रिप्टो निवेशकों के लिए यह सबसे बड़ा झटका है। यदि आपको Bitcoin में 50,000 का फायदा हुआ और Dogecoin में 20,000 का घाटा, तो आपको पूरे 50,000 पर 30% टैक्स देना होगा। आप Dogecoin के घाटे को Bitcoin के मुनाफे के साथ एडजस्ट नहीं कर सकते।
5. TDS रिफंड कैसे लें?
बहुत से निवेशकों को लगता है कि कटा हुआ 1% TDS डूब गया, लेकिन ऐसा नहीं है।
- अगर साल के अंत में आपकी कुल इनकम टैक्स स्लैब से कम है, तो आप ITR (Income Tax Return) भरकर इस 1% TDS का रिफंड मांग सकते हैं।
- इसके लिए आपको फॉर्म ITR-2 या ITR-3 का उपयोग करना होगा।
6. क्रिप्टो एक्सचेंज की भूमिका
अगर आप भारतीय एक्सचेंज जैसे CoinDCX, WazirX या Bitbns का उपयोग करते हैं, तो वे आपका TDS खुद ही काटकर सरकार के पास जमा कर देते हैं। लेकिन अगर आप **International Exchanges (Binance, Bybit)** का उपयोग करते हैं, तो TDS जमा करने की जिम्मेदारी आपकी होती है। ऐसा न करने पर भारी जुर्माना लग सकता है।
निष्कर्ष (Final Verdict)
क्रिप्टो में निवेश करना अब केवल ट्रेडिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके टैक्स नियमों का पालन करना भी अनिवार्य है। 1% TDS का मुख्य उद्देश्य क्रिप्टो ट्रांजैक्शन को ट्रैक करना है ताकि टैक्स चोरी रोकी जा सके। Mobilesathi.com की सलाह है कि अपने सभी ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड रखें और समय पर टैक्स भरें।
डिस्क्लेमर: क्रिप्टो करेंसी निवेश जोखिमों के अधीन है। टैक्स संबंधी नियमों में बदलाव हो सकते हैं, इसलिए निवेश से पहले अपने टैक्स सलाहकार (CA) से सलाह जरूर लें।