TRAI vs Spam: टेलीकॉम कंपनियों पर 150 करोड़ का जुर्माना और आपकी सुरक्षा का नया ब्लूप्रिंट

TRAI का ऐतिहासिक कदम: स्पैम कॉल्स पर टेलीकॉम कंपनियों को 150 करोड़ का जुर्माना
साथियों, 2026 की शुरुआत भारतीय मोबाइल यूजर्स के लिए एक बहुत बड़ी खबर लेकर आई है। TRAI ने देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनियों—रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया (Vi)—पर कुल 150 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय जुर्माना (Financial Disincentive) लगाया है। यह जुर्माना किसी एक दिन की गलती का नतीजा नहीं है, बल्कि पिछले तीन सालों (2020-2024 के बीच की ऑडिट रिपोर्ट्स) में स्पैम कॉल्स और मैसेजेस को रोकने में कंपनियों की विफलता का परिणाम है। एक टेक एनालिस्ट होने के नाते, मैं इसे 'देर आए, दुरुस्त आए' वाला कदम मानता हूँ। सालों से हम शिकायतें कर रहे थे, लेकिन अब रेगुलेटर ने सख्ती दिखाई है।
TRAI के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने स्पष्ट किया है कि यह पेनल्टी इसलिए नहीं लगाई गई कि कंपनियों के नेटवर्क पर स्पैम कॉल्स आ रहे थे, बल्कि इसलिए लगाई गई क्योंकि कंपनियों ने उन शिकायतों पर सही तरीके से कार्रवाई नहीं की। ऑडिट में पाया गया कि कई बार टेलीकॉम ऑपरेटर्स ने बिना किसी ठोस जांच के यूजर्स की शिकायतों को 'गलत' बताकर बंद कर दिया। सोचिए, आपने समय निकालकर रिपोर्ट किया, और कंपनी ने उसे अनदेखा कर दिया! यही वो बिंदु है जहाँ TRAI ने डंडा चलाया है। नियम कहते हैं कि अगर कोई नंबर स्पैमिंग के लिए इस्तेमाल हो रहा है, तो उसे तुरंत ब्लॉक करना या सस्पेंड करना कंपनी की जिम्मेदारी है।
150 करोड़ रुपये का यह जुर्माना पूरी इंडस्ट्री के लिए एक "वेक-अप कॉल" (Wake-up call) है। अब ऑपरेटर्स को हर महीने प्रति लाइसेंस एरिया (LSA) 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है अगर वे नियमों का पालन नहीं करते। यह सख्ती इसलिए ज़रूरी थी क्योंकि 2025 के अंत तक स्पैम कॉल्स की संख्या में भारी उछाल देखा गया था। Tech Mobile Sathi पर हम हमेशा कहते हैं कि यूजर का अनुभव सबसे ऊपर होना चाहिए, और इस जुर्माने ने साबित कर दिया है कि मुनाफे से पहले ग्राहकों की शांति और सुरक्षा ज़रूरी है।
आखिर क्यों नपे जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया? जांच की अंदरूनी कहानी
अब आपके मन में सवाल होगा कि "कमल भाई, इतनी बड़ी कंपनियों से कहाँ चूक हुई?" दरअसल, TRAI ने जब इनके शिकायत निवारण सिस्टम (Grievance Redressal System) का ऑडिट किया, तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। पाया गया कि 21 लाख से ज्यादा स्पैम कनेक्शन तो काट दिए गए, लेकिन अभी भी लाखों ऐसे नंबर सक्रिय थे जिन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए था। कंपनियों के इंटरनल सिस्टम इतने ढीले थे कि एक ही व्यक्ति अलग-अलग नंबरों से स्पैमिंग करता रहा और पकड़ा नहीं गया। ऑपरेटर्स ने तर्क दिया कि 'वर्चुअल नंबर' और 'सिम कार्ड बदलने' की वजह से उन्हें ट्रैक करना मुश्किल है, लेकिन TRAI ने इस दलील को खारिज कर दिया।
जांच में यह भी सामने आया कि सितंबर 2024 के बाद से कार्रवाई तेज़ हुई थी, जहाँ 18 लाख से ज्यादा नंबर बंद किए गए थे, लेकिन 2026 आते-आते फिर से सुस्ती आ गई। टेलीकॉम कंपनियों ने इस जुर्माने को अदालत में चुनौती दी है, लेकिन TRAI ने साफ़ कर दिया है कि उपभोक्ता की निजता (Privacy) से समझौता नहीं किया जा सकता। कंपनियों की सबसे बड़ी गलती यह थी कि वे सिर्फ रिपोर्ट होने का इंतज़ार करती थीं, खुद से कोई 'प्रोएक्टिव' कदम नहीं उठा रही थीं। जब स्पैम कॉल्स अब केवल मार्केटिंग नहीं, बल्कि 'डिजिटल फ्रॉड' का जरिया बन चुके हैं, तब कंपनियों की यह सुस्ती खतरनाक साबित हो सकती है।
एक और बड़ी वजह 'गलत क्लोजर' (Wrong Closures) रही। मान लीजिए आपने DND ऐप से शिकायत की, लेकिन ऑपरेटर ने उसे यह कहकर बंद कर दिया कि "नंबर अनरजिस्टर्ड है" या "पर्याप्त सबूत नहीं हैं।" TRAI ने ऐसे हज़ारों मामलों को पकड़ा है। यह दिखाता है कि कंपनियों के पास स्पैम रोकने की तकनीक तो है, लेकिन शायद इच्छाशक्ति की कमी थी। अब जब जेब पर वार हुआ है, तो हमें उम्मीद है कि ये कंपनियां अपने 'एंटी-स्पैम फिल्टर्स' को और मजबूत करेंगी। हम Tech Mobile Sathi पर इस केस की कानूनी लड़ाई पर भी नज़र रखेंगे, क्योंकि इसका असर हमारे मोबाइल बिल और सर्विस क्वालिटी पर पड़ेगा।
2026 के नए नियम: AI मॉनिटरिंग और 160-सीरीज नंबरों का सुरक्षा घेरा
जुर्माने के साथ-साथ, 2026 में TRAI ने स्पैम से लड़ने के लिए नई 'टेक्नोलॉजी' का सहारा लिया है। अब टेलीकॉम कंपनियों के लिए AI (Artificial Intelligence) और मशीन लर्निंग बेस्ड सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। ये सिस्टम रीयल-टाइम में कॉल पैटर्न्स को ट्रैक करेंगे। अगर कोई 10 अंकों वाला साधारण मोबाइल नंबर एक ही दिन में हज़ारों कॉल कर रहा है, तो AI उसे तुरंत 'संदिग्ध' (Potential Spam) के रूप में फ्लैग कर देगा, भले ही किसी ने शिकायत न की हो। यह एक बहुत बड़ा बदलाव है क्योंकि अब स्पैमर के पकड़े जाने के लिए किसी यूजर की शिकायत का इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा।
इसके अलावा, सबसे बड़ा बदलाव 160-Series नंबरों का है। फरवरी 2026 से TRAI ने सख्त आदेश दिया है कि बैंकों, वित्तीय संस्थानों और सरकारी विभागों से आने वाले 'सर्विस और ट्रांजेक्शनल' कॉल्स (जैसे OTP या बैलेंस अलर्ट) अब सिर्फ 160 से शुरू होने वाले नंबरों से ही आएंगे। वहीं, जो मार्केटिंग या प्रमोशनल कॉल्स होंगे, वे 140 सीरीज से आएंगे। इससे फायदा यह होगा कि जैसे ही आपके फोन पर कॉल आएगा, आप नंबर का प्रीफिक्स (Prefix) देखकर समझ जाएंगे कि यह बैंक का ज़रूरी कॉल है या कोई कंपनी कुछ बेचना चाहती है। साधारण 10 अंकों वाले नंबरों से प्रमोशनल कॉल्स करना अब पूरी तरह गैरकानूनी है।
मैसेजेस के लिए भी नए कोड्स लागू किए गए हैं। अब हर प्रमोशनल SMS के अंत में 'P' (Promotional), ट्रांजेक्शनल में 'T', सर्विस में 'S' और सरकारी मैसेज में 'G' लिखा होना अनिवार्य है। साथ ही, बैंकों को आदेश दिया गया है कि वे केवल उन्हीं वेब लिंक्स (URLs) को मैसेजेस में भेजें जो उन्होंने पहले से व्हाइटलिस्ट (Whitelist) करवा रखे हैं। अगर किसी मैसेज में कोई ऐसा लिंक पाया जाता है जो रजिस्टर्ड नहीं है, तो नेटवर्क उसे अपने आप ब्लॉक कर देगा। यह कदम ऑनलाइन स्कैम्स और फिशिंग (Phishing) को रोकने में मील का पत्थर साबित होगा। कमल कृपाल के तौर पर मेरा सुझाव है कि आप हमेशा नंबर के पहले तीन अंक ज़रूर देखें।
नया DND App: अब आपकी जेब में है स्पैम से लड़ने का असली हथियार
13 फरवरी 2026 को TRAI ने अपने लोकप्रिय TRAI DND App और MySpeed App का नया वर्जन (Revamped Version) लॉन्च किया है। पुराने ऐप में कई शिकायतें थीं—कभी वह क्रैश होता था, तो कभी शिकायत दर्ज करना मुश्किल होता था। लेकिन नया वर्जन पूरी तरह से 'यूजर-फ्रेंडली' है। अब यह ऐप कई भारतीय भाषाओं (Multilingual) में उपलब्ध है, जिससे गांव और छोटे शहरों के लोग भी आसानी से अपनी भाषा में रिपोर्ट दर्ज कर सकेंगे। इसमें अब शिकायत दर्ज करने के स्टेप्स भी कम कर दिए गए हैं, ताकि आप महज़ कुछ सेकंड्स में स्पैम कॉल की रिपोर्ट कर सकें।
इस नए ऐप की सबसे बड़ी खूबी 'Know Your Sender' फीचर है। अब आप ऐप के अंदर ही किसी SMS हेडर या 160-सीरीज नंबर की असलियत चेक कर सकते हैं कि वह वाकई में आपके बैंक का है या कोई फर्जी नंबर। साथ ही, अब शिकायत करने की समयसीमा (Complaint Window) को 3 दिन से बढ़ाकर 7 दिन कर दिया गया है। यानी अगर आपने कल कोई स्पैम कॉल मिस किया था, तो आप उसे आज भी रिपोर्ट कर सकते हैं। TRAI चेयरमैन ने यह भी घोषणा की है कि मार्च 2026 में इसमें एक 'अपील' (Appeal) फीचर भी आएगा। अगर आपको लगता है कि टेलीकॉम ऑपरेटर ने आपकी शिकायत गलत तरीके से बंद की है, तो आप ऐप से ही सीधे TRAI को अपील कर सकेंगे।
Tech Mobile Sathi के सभी साथियों को मेरी सलाह है कि आप आज ही इस ऐप को डाउनलोड करें। 2025 में आई 31 लाख शिकायतों में से 17 लाख से ज्यादा शिकायतें इसी ऐप के ज़रिए हुई थीं, जिससे साबित होता है कि यह कितना प्रभावी है। जब आप रिपोर्ट करते हैं, तो वह डेटा केवल उस नंबर को ब्लॉक नहीं करता, बल्कि पूरे सिस्टम को यह समझने में मदद करता है कि स्पैमर किस तरह के नए तरीके अपना रहे हैं। याद रखिये, ब्लॉक बटन दबाना आपको शांत रख सकता है, लेकिन रिपोर्ट बटन दबाना पूरे समाज को स्पैम से बचा सकता है। जितना ज्यादा हम इस ऐप का इस्तेमाल करेंगे, टेलीकॉम कंपनियों पर उतना ही दबाव बढ़ेगा।
हमारी जिम्मेदारी: तकनीक और सतर्कता से ही थमेगा डिजिटल फ्रॉड का खेल
अंत में बात करते हैं उस 'ह्यूमन टच' (Human Touch) की जो किसी भी कानून से ज्यादा ज़रूरी है। TRAI कितने भी नियम बना ले या 150 करोड़ का जुर्माना लगा दे, स्पैमर्स हमेशा नए रास्ते ढूंढते रहेंगे। आजकल स्पैम कॉल्स सिर्फ आपको परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि आपके बैंक खाते खाली करने के लिए किए जाते हैं। 2026 में 'AI वॉयस क्लोनिंग' (Voice Cloning) के मामले बढ़ रहे हैं, जहाँ अपराधी आपके किसी रिश्तेदार की आवाज़ में कॉल करके पैसे मांग सकते हैं। ऐसे में तकनीक के साथ-साथ आपकी सतर्कता ही आपकी असली ढाल है।
हमें अपने घर के बुजुर्गों को विशेष रूप से शिक्षित करना होगा। उन्हें समझाएं कि बैंक कभी भी कॉल पर OTP या पिन नहीं मांगता, और अब तो सरकारी नियम है कि बैंक सिर्फ 160-सीरीज से ही कॉल करेंगे। अगर किसी साधारण 10 अंकों वाले नंबर से 'बैंक मैनेजर' बनकर कॉल आए, तो वह 100% फर्जी है। साथ ही, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, भले ही वह कितना भी लुभावना क्यों न लगे। TRAI के ये नए नियम हमें एक सुरक्षित इकोसिस्टम दे रहे हैं, लेकिन उस सिस्टम का सही इस्तेमाल करना हमारे हाथ में है।
जुर्माना टेलीकॉम कंपनियों के लिए एक सबक है, लेकिन हम ग्राहकों के लिए यह एक जीत है। हमें कंपनियों को यह महसूस कराना होगा कि हम जागरूक हैं। जब भी कोई अनचाहा कॉल आए, उसे केवल काटें नहीं, बल्कि DND ऐप पर रिपोर्ट ज़रूर करें। आपकी एक छोटी सी कोशिश किसी मासूम को बड़े वित्तीय फ्रॉड से बचा सकती है। Tech Mobile Sathi पर मेरा उद्देश्य हमेशा यही रहता है कि मैं आपको न केवल गैजेट्स के बारे में बताऊं, बल्कि उन डिजिटल खतरों से भी आगाह करूँ जो हमारी मेहनत की कमाई पर नज़र गड़ाए बैठे हैं। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!
Conclusion
दोस्तों, TRAI का 150 करोड़ का जुर्माना और 2026 के नए कड़े नियम यह साबित करते हैं कि अब 'स्पैमराज' का अंत नज़दीक है। तकनीक का काम हमारी ज़िंदगी आसान बनाना है, न कि उसे अनचाहे कॉल्स से बोझिल करना। टेलीकॉम कंपनियों को अब अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और ग्राहकों के भरोसे को फिर से जीतना होगा। मुझे उम्मीद है कि ये नए बदलाव हमारे मोबाइल अनुभव को पहले से कहीं ज्यादा सुखद और सुरक्षित बनाएंगे। आपको ये नए नियम कैसे लगे? क्या आपके पास अभी भी स्पैम कॉल्स आ रहे हैं? मुझे कमेंट्स में ज़रूर बताएं! जुड़े रहिये Tech Mobile Sathi के साथ ऐसी ही और भी महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए।